ई-सिगरेट और वेपिंग को अक्सर सामान्य सिगरेट से सुरक्षित विकल्प माना जाता है, लेकिन इसके लंबे समय तक इस्तेमाल के प्रभावों को लेकर अभी भी शोध जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, वेपिंग से निकलने वाले रसायन फेफड़ों की कोशिकाओं और DNA को नुकसान पहुंचा सकते हैं और सूजन व अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं। Shalby International Hospital के पल्मोनोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शिबा कल्याण बिस्वाल ने बताया कि वेपिंग के साथ सामान्य सिगरेट का सेवन करने वाले लोगों में जोखिम और बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि फेफड़ों के कैंसर की स्क्रीनिंग के दौरान मरीज के वेपिंग इतिहास को ध्यान में रखना जरूरी है।
